बलिया में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत, गुस्से में BJP विधायक ने बिजली अधिकारी को खींचकर ले गईं

Father and son die in Ballia

बलिया : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से पिता और पुत्र की मौत हो गई। हादसा टकरसन उपकेंद्र के अंतर्गत शहपुरवा गांव में हुआ। घटना के बाद गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया कि खेत में हाईटेंशन तार गिरने की सूचना देने के बावजूद बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई।

जानकारी के अनुसार, शहपुरवा गांव में खेत में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार गिर गया था। इसी दौरान जनार्दन यादव और उनके बेटे जितेंद्र यादव उसकी चपेट में आ गए। करंट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा बिजली विभाग के खिलाफ फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सड़क किनारे धरना देकर बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप था कि तार गिरने की सूचना समय रहते संबंधित अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ।

घटना की सूचना मिलते ही बीजेपी विधायक केतकी सिंह भी मौके पर पहुंचीं। विधायक ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और दोषी बिजलीकर्मियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने मृतकों के परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की भी मांग उठाई।

इसी दौरान बिजली विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। वायरल हो रहे घटनाक्रम के मुताबिक, विधायक केतकी सिंह एक बिजली अधिकारी का हाथ पकड़कर उन्हें घटनास्थल की ओर ले जाती नजर आईं। इस दौरान विधायक ने अधिकारियों के सामने ग्रामीणों की नाराजगी और बिजली विभाग की कथित लापरवाही को लेकर कड़ा विरोध जताया।

वहीं, मामले पर अधीक्षण अभियंता प्रवीण वर्मा ने कहा कि हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दो लोगों की मौत की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग की ओर से मृतक परिवार को उचित मुआवजा भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

फिलहाल हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी है। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि हाईटेंशन तार गिरने और बिजली आपूर्ति बंद न होने के पीछे किसकी लापरवाही थी। पुलिस और बिजली विभाग की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।

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